
Kerala केरल: कोट्टापडी क्षेत्र में जंगली हाथियों के लगातार खेतों में घुसने और फसलों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं से परेशान एक किसान ने बड़ा कदम उठाया है। कूवक्कम के रहने वाले किसान मावरा मनोज ने अपने खेत में हाथियों के झुंड के नियमित हमलों को रोकने में असफल रहने के बाद करीब 200 केले के पेड़ खुद ही काट दिए।
किसान का कहना है कि हाथियों का झुंड बार-बार उनके खेत में घुसकर फसल को भारी नुकसान पहुंचा रहा था, जिससे खेती करना मुश्किल हो गया था। इसी स्थिति से परेशान होकर उन्होंने यह निर्णय लिया।
मंगलवार सुबह भी जंगली हाथियों का एक झुंड खेत में घुस आया और वहां मौजूद लगभग सौ केले के पेड़ों को नुकसान पहुंचाया। इनमें कटे हुए और बिना कटे दोनों प्रकार के पेड़ शामिल थे। इसके अलावा हाथियों ने खेत में लगे कई कोको के पेड़ों को भी रौंद दिया, जिससे फसल को भारी क्षति हुई।
यह बागान जंगल की सीमा से सटा हुआ है, जहां कोको और केले की मिश्रित खेती की जाती है। किसानों के अनुसार, पिछले कुछ समय से जंगली हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ गई है, जिससे खेती करना जोखिम भरा होता जा रहा है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि हाथियों के हमलों से न केवल उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं, बल्कि आर्थिक नुकसान भी लगातार बढ़ रहा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
इस घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर किया है। किसान अब प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि हाथियों की आवाजाही रोकने और फसलों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।





